सोमवार, 20 जून 2011

नयन पी रहे श्री राधा जी के होठों की लाली


मंद पवन है,यमुना तट है,पुलकित हैं वनमाली.
नयन  पी रहे श्री राधा जी के होठों की लाली.
देख,देख कर उन्हें, पुलक में, वंशी मधुर बजाते.
उनको छू, जो धूल उड़ रही, माथे उसे लगाते.



गीतगोविन्दं : जयदेव 
नामसमेतं कृतसंकेतं वादयते मृदुवेणुं.
बहु मनुतेsतनु ते तनुसंगतपवनचलितमपि रेणुं ....

-- अरविंद  पाण्डेय



11 टिप्‍पणियां:

  1. अति सुंदर कविता , बहुत ही रोमांचक प्रस्तुति.......

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  2. शब्दों की अठखेली,
    राधा कृष्ण पहेली।

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  3. “Jai Shri Krishn”
    "SHRI GURUVE NAMAH"
    "SHRI KRISHNAY NAMAH"
    "SHRI GOPIJANVALLABHAY NAMAH"
    "SHRI NATH JI CHARAN KAMALEBHYO NAMAH"
    Shrimad Bhagwat Katha ek Prem ka Sarovar Hai Aur Wo Jeev Bade Abhage
    Hai Jo Iss Prem ke Sarovar ko Chood kar Man ke Peechhe Peechhe Bhag Rahe Hai Sansar Mai Bhate Ja Rahe Hai !! Aao Shrimad Bhagwat Katha ek Prem Sarovar Mai Gota Lagaye. “Bolo Jai Shri Krishn”

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  4. आपकी रचना मन को पुलकित कर देती है...

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  5. Shree Radhey Radhey G

    राधाजी श्रीकृष्ण की अन्तरंग शक्ति हैं। श्रीकृष्ण फूल हैं तो राधाजी
    सुगंध हैं, श्रीकृष्ण मधु हैं तो राधाजी मिठास, श्रीकृष्ण मुख हैं तो
    राधाजी कांतिऔर सौन्दर्य। राधाजी श्रीकृष्ण का अभिन्न स्वरुप हैं। वह
    श्रीकृष्ण की आहलादिनी शक्ति हैं। श्रीकृष्ण का आनंदस्वरूप ही राधाजी के
    रूप में व्यक्त है। राधा ही कृष्ण हैं और कृष्ण ही राधा हैं। भक्ति का आनंद
    प्राप्त करने के लिए श्रीकृष्ण राधा बने हैं और रूप सौन्दर्य का आनंद
    प्राप्त करने के लिए राधा कृष्ण बनी हैं।

    राधाजी सृष्टीमयी, विश्वस्वरूपा, रासेश्वरी, परमेश्वरी और वृन्दावनेश्वरी हैं।

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  6. एक मधुर दृश्य उत्पन्न करती हुई रचना, जो राधा कृष्ण भक्ति रस में डूबने को प्रेरित करती है | चार पक्ति की इस रचना में कवि की अभियक्ति और कल्पनाशक्ति स्पष्ट परिलक्षित होती है | बहुत बहुत बधाई आदरणीय अरविन्द पाण्डेय जी |

    गणेश जी "बागी"
    (संस्थापक)
    www.openbooksonline.com
    (एक सामाजिक और साहित्यिक वेब साईट)

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  7. श्रद्धा एवं प्रेम का सुंदर वर्णन ...

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  8. आपकी किसी पोस्ट की चर्चा होगी शनिवार (25-06-11 ) को नई-पिरानी हलचल पर..रुक जाएँ कुछ पल पर ...! |कृपया पधारें और अपने विचारों से हमें अनुग्रहित करें...!!

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