शनिवार, 22 अक्तूबर 2016

शाहे-इंक़लाब अशफ़ाक़ुल्ला ख़ान

शाहे-इंक़लाब अशफ़ाक़ुल्ला ख़ान साहब को
जन्मदिन मुबारक़ 💐💐💐

गद्दार के धोखे से गिरफ्तार जब हुए.
मज़हब के बहाने से पुलिस ने थे यूँ कहे-
"दोगे जो गवाही तुम साथियों के बर खिलाफ.
सरकार से कहेंगे कि वो कर दे तुम्हें माफ़."

अशफ़ाक़ ने कहा-सुनो अंग्रेज़ के कप्तान.
मेरी तो है सरकार ये अज़ीज़ हिंदुस्तान.
तख्ते पे फांसियों के हम चढ़ेंगे यूँ पुरजोश.
अंग्रेज़ सल्तनत के उड़ाएंगे वहीं होश.

कह कर यूँ तुम चले गए ऐ शाहे-इंक़लाब.
तुम मादरे वतन के लाडले थे लाजवाब.
तुमसे ही तो रहेगी हिंदुस्तान की पहचान .
लाखों सलाम तुमको ऐ अशफ़ाक़ुल्ला खान.
-- अरविन्द पांडेय .

1 टिप्पणी:

  1. आपकी लिखी रचना "पांच लिंकों का आनन्द में" शनिवार 19 नवम्बर 2016 को लिंक की जाएगी ....
    http://halchalwith5links.blogspot.in
    पर आप भी आइएगा ....धन्यवाद!

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