शनिवार, 9 जुलाई 2011

परम पुरुष है एक परम नारी भी है बस एक.


शिवः शक्त्या युक्तो.


परम पुरुष है एक परम नारी भी है बस एक.
नर-नारी में प्रकट हुए हैं बनकर यही अनेक.
इसीलिये,करती अभिलाषा,परम पुरुष की नारी.
नर भी उसी  परम नारी का है प्रतिपल अनुसारी.

Aravind Pandey 

3 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत ही सुंदर चित्र के साथ , " नर-नारी में प्रकट" बहुत ही उत्कृष्ट कविता हैं .....

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  2. संभवतः दोनों ही उपस्थित हैं, हम सब में।

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  3. BAHUT ACHCHHI KAWITA HAI,
    NARI PURUSH KI SAMANTA KO DARSHATI HUI.

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