शुक्रवार, 25 मार्च 2011

इस खेल से हर खेल का खिलना है रुक गया.



वंदे मातरं !

इस खेल से हर खेल का खिलना है रुक गया.
एशियाड,ओलैम्पिक्स में ये सर है झुक गया .
जापान, कोरिया को जब मिलता है सौ खिताब.
दो-चार ले, किसी तरह बचता है अपना आब.



- अरविंद पाण्डेय

3 टिप्‍पणियां:

  1. तुम्ही हो माता पिता तुम्ही हो।

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  2. परम आदरणीय सर,
    आपका कथन बिलकुल सत्य हैं ,सभी लोगो को इस पर ध्यान देने की जरुरत हैं ...जय हिंद !!!

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  3. बात तो सही है मगर है किस खेल की, क्रिकेट की या भ्रष्टाचार की?

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